Thursday, January 13, 2011

युवा भारत : एक नयी आशा

A Ray of Hope...........
एक दार्शनिक की भांति न लिखते हुए मैं एक आम आदमी की  तरह युवा को परिभाषित करना चाहता हूँ |
हाथों में मोबाइल लिए, low vest jeans और skin tight T-Shirt पहने आज का युवा देखने में एक बारगी बड़ा ही भोगी प्रवृति का प्रतीत होता है, किन्तु उसी युवा को T-Shirt की बांहें उठा कर कभी कीचड़ में फंसी किसी बस को धक्का लगाते या किसी गरीब बच्चे को दुकान से खरीद कर नयी चप्पल पहनाते और किसी भिखारी को अपना बर्गर खिलाते देख कर बड़ा अचम्भा होता है |
                      जब हम भारत के नवोदित युवा आदर्शों को देखतें हैं तो कभी हमें दिखाई देते हैं Super 30 के माध्यम से बिहार के निर्धन प्रतिभाशाली बालक बालिकाओं के स्वपनों को पंख लगाते आनंद कुमार, तो कभी चावल और सिलाई मशीन खरीदने के लिए गाँव गाँव जाकर ऋण बाँटते N.R.I. किन्तु वास्तविक भारतवासी विक्रम अकुला पर बरबस ही निगाहें ठहर जाती हैं |
                       युवा नेतृत्वों का उल्लेख हो और हम डॉ. अच्युत सामंत को भूल जाएँ ये संभव नहीं | डॉ. सामंत अपने  "KIIT" और "KISS" नामक विश्वविद्यालयों के माध्यम से 12000 आदिवासी बालकों को भारत को समर्थ बनाने हेतु तैयार कर रहे हैं |
इसी कड़ी में मैं एक नया नाम जोड़ना चाहता हूँ हमारे राजस्थान राज्य के एक जिलाधीश "श्री समित शर्मा" का |
                        राजस्थान में रहने वाला हर युवा तो अब इस नाम से परिचित है, और अब पूरे भारत के युवा इस व्यक्ति को अपना आदर्श बनाना चाहेंगे | डॉ. समित शर्मा, जो चित्तौडगढ फिर नागौर जिले में जिलाधीश रहे हाल ही में राजनीतिक (भ्रष्टनीतिक) कारणों से हटा दिए गए हैं, वर्ष 2010 के स्वत्रंतता दिवस समारोह में भारत के सर्वश्रेष्ठ जिलाधीश का पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा प्राप्त कर चुके हैं | नागौर जिले से उन्हें हटाये जाने पर पूरा जिला तीन दिन तक बंद रहा, पूरा जिला उस व्यक्ति को रोकना चाहता था | डॉ. शर्मा ने जेनेरिक दवाइयों ( ये दवाएं बाज़ार से 50 - 60 % तक सस्ती होती हैं ) के प्रयोग को अनिवार्य बनाकर आम आदमी को न सिर्फ सस्ती बल्कि अच्छी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवायी है |
                         इसी कड़ी में मैं एक और नाम जोड़ने के लिए ये BLOG लिख रहा हूँ | आशा करता हूँ कि हर युवा भारत को समर्थ बनाने के लिए प्रयास करेगा, इसी आशा के साथ
अनिरुद्ध योगेश्वरन........
                                                                 जागो भारत ! समर्थ भारत !                

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